अर्जक संघ बनाम संघ

✍️ डॉ लाल रत्नाकर

कांटे से कांटा निकालने का जुमला बहुत पुराना है चूंकि यह जुमलों का युग है इसलिए इस जुमले पर गंभीरता से विचार करिए।
आमतौर पर देखा जाता है बहुत सजग लोग बार-बार कहते हैं हमें संघ (RSS) जैसे काम करना चाहिए, मैंने कभी किसी को यह कहते नहीं सुना कि हमें अर्जक संघ जैसे काम करना चाहिए।
अब इन दोनों में फर्क क्या है चलिए इसको ठीक से समझ लेते हैं संघ आपको गुलाम बना के रखना चाहता है।
जबकि अर्जक संघ आपको मानववादी बनाना चाहता है दुनिया भर के पाखंडों से अंधविश्वासों से और चमत्कारों से दूर करके मनुष्यता मनुष्यता के बीच भाईचारा पैदा करना चाहता है।
अगर आपको इतनी सरल बात समझ में नहीं आती तो फिर आपको मनुष्य होने का कोई अधिकार नहीं है।
जिन लोगों ने अर्जक संघ को यदि किसी एक जाति या जमात का अभियान समझा है तो वह गलत है।
यह समग्र बहुजन समाज के उत्थान के लिए सबसे बड़ा मूल मंत्र है यदि इसका विस्तार हो जाए तो एक दिन में पाखंड अंधविश्वास और चमत्कारी बहुत दूर चले जाएंगे।
यह बात आपको गंभीरता से समझनी होगी और हर व्यक्ति को इस पर अमल करना होगा और अगर आज नहीं करिएगा तो कभी भी आपको मौका नहीं मिलेगा।

(✍️ डॉ लाल रत्नाकर विश्वप्रसिद्ध चित्रकार है जो लगातार सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय योगदान कर रहे हैं।)

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