रैदास का बेगमपुरा, शोषण मुक्त समाज का स्वप्न
लेखक – मिथलेश कुमार सिंह भारतीय इतिहास और साहित्य में “आदर्श समाज” की कल्पना एक ही नहीं रही है जहाँ तुलसीदास रामराज्य की संकल्पना प्रस्तुत करते हैं, वहीं उनसे बहुत पहले लोककवि कबीर अमरदेसवा और संत रैदास बेगमपुरा जैसे वैकल्पिक समाज की परिकल्पनाएँ जनमानस तक पहुँचाते रहे हैं ये कल्पनाएँ केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि गहराई…
