आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड नेहा पर झारखण्ड के रांची में संघी ताकतों द्वारा स्याही फेंकने के ख़िलाफ़ इलाहाबाद में बक्शी बांध पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन द्वारा विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रतिवाद सभा आयोजित की गई और बक्शी बांध पर मार्च किया गया।

प्रतिवाद सभा को संबोधित करते हुए आइसा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष कॉमरेड मनीष ने कहा कि एक दौर में जब सावित्री बाई फुले, फातिमा शेख जैसे लोग शिक्षा पाने की लड़ाई लड़ रहीं थीं तो उन पर सामंती ताकतों द्वारा कीचड़, पत्थर फेंककर हमला किया जाता था। आज जब आइसा की केंद्रीय अध्यक्ष कॉमरेड नेहा शिक्षा और रोजगार को बचाने की लड़ाई को पूरे देश भर में लड़ रही हैं तब उन पर उन्हीं सामंती, मनुवादी ताकतों द्वारा स्याही फेंककर हमला किया जाता है। इस घटना की हम निंदा करते हैं। मनीष ने कहा ऐसे हमलों से लोकतांत्रिक संघर्ष और अधिक मज़बूत होगा। हम कॉमरेड नेहा के साथ पूरी एकजुटता से खड़े हैं।

आइसा इलाहाबाद विश्वविद्यालय की अध्यक्ष कॉमरेड सोनाली ने प्रतिवाद सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पूरे देश भर में जब शिक्षा, रोजगार और संविधान बचाने के लिए आंदोलन तेज़ हो रहे हैं तब BJP और RSS के गुंडों की बौखलाहट भी बढ़ती जा रही है। BJP और RSS के गुंडे विश्वविद्यालय परिसर से लेकर सड़क पर आंदोलन कर रहे छात्रों पर हमले कर रहे हैं। पेपर लीक के ख़िलाफ़ चल रहे आन्दोलन को समर्थन देने जब आइसा की केंद्रीय अध्यक्ष कॉम नेहा झारखण्ड के रांची में विधानसभा मार्च में पहुंचीं तब इन्हीं सामंती ताकतों द्वारा स्याही फेंकी जाती है। इन ताकतों के ख़िलाफ़ हमारी लड़ाई जारी रहेगी।

इलाहाबाद के प्रतियोगी छात्र अखिलेश ने कहा कि भाजपाई ताकतों द्वारा कॉमरेड नेहा पर स्याही फेंकना लोकतांत्रिक आवाज़ों को डराने और असहमति को दबाने का कायर प्रयास है। हम इस घटना की कड़ी निंदा करते हैं और संघी गुण्डे पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं।

प्रतिवाद सभा का संचालन करते हुए आइसा उत्तर प्रदेश के सचिव कॉम शशांक ने कहा कि सावित्री बाई फुले, फातिमा शेख की विरासत को बचाने के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी। शशांक ने कहा कि फासीवादी, सामंती द्वारा संविधान पर किए जा रहे हमलों के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रहेगी। प्रतिवाद सभा में साक्षी, पल्लवी, सीमा, अमित, आशीष, शशिभूषण, सुजीत, सुनील, राधा समेत तमाम आइसा एक्टिविस्ट और सैकड़ों छात्र युवा मौजूद रहे।
